Skip to main content

Posts

For Special SSC RRB

अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - for SSC & RRB Complete notes

🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...
Recent posts

Popular...

Major mountain ranges and peaks of India - भारत की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएं और चोटियां

भारत की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएं और चोटियां (Major Mountain Ranges and Peaks of India) पर्वत श्रृंखला (Mountain Range)          सबसे ऊँची चोटी          (Highest Peak) ऊँचाई   (Height in meters) हिमालय (Himalayas) कंचनजंघा ( Kangchenjunga ) 8,586 मि. पश्चिमी घाट (Western Ghats) नीलगिरी पर्वत अनामुड़ी ( Anamudi ) 2,695 मि. पूर्वी घाट (Eastern Ghats) अरमा कौंडा (Arma Konda) 1,680 मि. अरावली पर्वत ( Aravalli Range ) गुरु शिखर (Guru Shikhar) 1,722 मि. विंध्य पर्वत (Vindhya Range) सद्भावना शिखर (Sadbhawna Shikhar) ~1,200 मि. (अनुमानित) सतपुड़ा पर्वत (Satpura Range) धूपगढ़ ( Dhupgarh ) 1,350 मि. जानसकर पर्वत (Zanskar Range) स्टोक कंच (Stok Kangri) 6,153 मि. पिर पंजार पर्वत (Pir Panjal Range) सनसेट पीक (Sunset Peak) 4,745 मि. शिवालिक पर्वत (Shivalik Hills) कोई प्रमुख शिखर नहीं 600–1,500 मि. DETAILED DESCRIPTION -  भारत एक पर्वतीय देश है, जिसकी भौगोलिक बनावट में ऊँचे हिमालय स...

सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन | Socio-Religious Reform Movements in India (Full Notes for SSC & RRB)

भारत में सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन (Socio-Religious Reform Movements in India) 🔹 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 18वीं शताब्दी के अंत और 19वीं शताब्दी की शुरुआत में भारतीय समाज अनेक कुरीतियों, धार्मिक रूढ़िवादिता, अंधविश्वास, छुआछूत, सती प्रथा, बाल विवाह, पर्दा प्रथा, अशिक्षा, स्त्री उत्पीड़न से ग्रसित था। ब्रिटिश शासन के आगमन के बाद पश्चिमी शिक्षा, विज्ञान, और आधुनिक विचारों का प्रभाव बढ़ा। इससे भारतीय समाज में जागृति की शुरुआत हुई — जिसे हम “भारतीय पुनर्जागरण” (Indian Renaissance) कहते हैं। 🔹 सुधार आंदोलनों की आवश्यकता क्यों पड़ी? सामाजिक बुराइयों का अंत करना (सती, बाल विवाह, छुआछूत आदि)। महिला सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देना। धर्म की शुद्धता और नैतिकता की स्थापना करना। ब्रिटिश शिक्षा और विज्ञान से प्रेरित होकर समाज में तर्कशीलता फैलाना। राष्ट्रवाद और एकता के लिए सामाजिक सुधार जरूरी बन गया था। 🟦 1. राजा राममोहन राय और ब्रह्म समाज (Brahmo Samaj, 1828) संस्थापक: राजा राममोहन राय (1772–1833) स्थान: कलकत्ता स्थापना वर्ष: 1828 प्रेरणा स्रोत: उपनिषद, वेद...